संजीत यादव हत्याकांड: अखिलेश यादव से मिलने जा रहे परिवार से पुलिस ने किया...?





लखनऊ, संजीत यादव हत्याकांड में अब तक कोई सफलता नमिल पाने के कारण अखिलेश यादव से मिलने जा रहे परिवार को पुलिस ने रोका?आज संजीत के परिजन सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने के लिए लखनऊ जा रहे थे लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक कर वापस भेज दिया।



कानपुर बर्रा में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत की हत्या को लेकर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से व्हाट्सएप कॉल पर संजीत के पिता चमन व बहन रुचि ने बात करते हुए मिलने की इच्छा जाहिर करी थी। जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी । इसके बाद बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी के नेता सम्राट यादव अपने साथ संजीत के पिता चमन लाल, मां कुसुमा और बहन रुचि को लेकर लखनऊ जा रहे थे।



वहीं सपा नेता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि व्हाट्सएप कॉल पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संजीत के परिजनों से बुधवार को बातचीत करी थी और इस दौरान संजीत के परिजनों ने पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जाहिर करी थी। जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी और आज मुलाकात कराने के लिए वह संजीत के परिजनों को लखनऊ ले जा रहे थे।



लेकिन सूचना मिलते ही रामादेवी फ्लाईओवर पर सीओ गोविंद नगर वीके पांडे बर्रा और नौबस्ता पुलिस फोर्स लेकर पहुंच गए। और परिजनों को रोककर समझाने का प्रयास करने लगे इस दौरान सपा नेता और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हो गई लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने संजीत के परिजनों को लखनऊ जाने से रोक लिया और पुलिस सुरक्षा के बीच घर पर छोड़ा।



सीओ गोविंद नगर ने बताया कि संजीत के परिजनों की लखनऊ जाने की सूचना मिली थी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री के ऑफिस से जारी पत्र की मांग की गई जिसे वह लोग नहीं दिखा पाए सुरक्षा की दृष्टि से परिजनों को रोका गया है अगर पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यालय से कोई पत्र प्राप्त होता है तो सुरक्षा के साथ परिजनों को लखनऊ भेजा जाएगा।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले में एक आईपीएस अर्पणा गुप्ता समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पुलिस ने पांडु नदी में कई बार लगातार स्व अभियान चलाया, लेकिन संजीत का शव नहीं मिला।बाद में सरकार ने इस मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हो सकी है जिसको लेकर परिजनों में आक्रोश है।