देश में कोरोना वायरस की टेस्टिंग को लेकर, सरकार का महत्वपूर्ण बयान ?

नयी दिल्ली, देश में कोरोना वायरस की टेस्टिंग को लेकर, केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बयान दिया है ?केन्द्र सरकार ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा उपयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किए जा रहे हैं और परीक्षण कम किए जाने संबंधी रिपोर्ट सही नहीं हैं।


भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महामारी रोग विज्ञानी डॉ रमन आर गंगाखेडकर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आज चीन से भारत में साढ़े पांच लाख किट आ गयी हैं और इनमें वोंडफो कंपनी से तीन लाख और झूहाई की लिवज़ोन कंपनी की दो लाख रैपिड टेस्टिंग किट आ गई हैं।


उन्होंने बताया कि इन दोनों किट में दो तरह के बैंड आईजीजी और आईजीएम हाेते हैं जो एंटीबाॅडी का परीक्षण करते हैं और इन दोनों किट की ‘सेंसिटिविटी 80 प्रतिशत और स्फेसिफिसिटी’ (विशेषता) 84 प्रतिशत है और ये दोनों सेरोलाजी किट हैं जो मरीज में एंटीबॉडी बनने की प्रकिया को दर्शाती हैं।


श्री गंगाखेड़कर ने बताया कि इन दिनों देश में लोगों के कम परीक्षण किए जाने की काफी चर्चा हो रही है लेकिन वास्तविकता यह है कि विदेशों से कहीं अधिक संख्या में टेस्ट किये जा रहे हैं और इसका प्रमाण यह है कि जापान में जहां एक काेरोना पाजिटिव व्यक्ति का पता लगाने के लिए 11़ 7 लाेगों, इटली मेें 6़ 7 लोगोंं, अमेरिका में 5़ 3 लोगों तथा ब्रिटेन में 3़ 4 लोगों के परीक्षण किए जाते हैं वहीं हम भारत में एक कोरोना संक्रमित मरीज का पता लगाने के लिए 24 लोगों के टेस्ट करते हैं तब जाकर हमें एक पाजिटिव मरीज मिलता है।


उन्होंने बताया कि देश में अब तक दो लाख 90 हजार 401 लोगों के टेस्ट हो चुके हैं और कल 30043 लोगों का परीक्षण किया गया था जिनमें से आईसीएमआर की 176 प्रयोगशालाओं में 26331 और निजी क्षेत्र की 78 प्रयोगशालाओं में 3712 परीक्षण किए गए थे। आईसीएमआर की क्षमता प्रतिदिन नौ घंटा काम कर 42418 टेस्ट करने की है और अगर दो शिफ्टाें में काम किया जाता है तो यह परीक्षण आंकड़ा 78227 हाे जाएगा। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि देश में कम टेस्ट हो रहे हैं अथवा हमारी परीक्षण क्षमता कम हैं।


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस का फैलाव रोका जा सकता है लेकिन इसको हराने के लिए चिकित्सा सुविधा बढ़ाने और टेस्टिंग की व्यापक व्यवस्था करने की आवश्यकता है।


राहुल गांधी ने कहा था कि कोरोना वायरस को हराने के लिए टेस्टिंग सबसे बड़ा हथियार है और इसको व्यापक रूप से बढ़ाने तथा इस दिशा में रणनीतिक तरीके से काम करने की जरूरत है।