दुनिया के लिये आतंक बना कोरोना,यूपी इसका नेटवर्क तोड़ने को तैयार

लखनऊ , दुनिया के लिये आतंक का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिये उत्तर प्रदेश ने कमर कस ली है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील को सर माथे पर लेते हुये समूचे राज्य ने संगठित होकर इस पर अमल करना शुरू भी कर दिया है। जनता कर्फ्यू की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश ने गरीब और कमजोर तबके की चिंताओं को दूर किया है जबकि व्यापारी संगठनो, पेट्रोल पंप एसोसियेशन और सार्वजनिक वाहनो की एसोसियशनो ने एक सुर में रविवार को कर्फ्यू का सफल बनाने की मुहिम का हिस्सा बनने की रजामंदी जाहिर की है।


निजी उपक्रमों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने रविवार को बंदी के बावजूद अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का एलान किया है वहीं मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारो समेत सभी धर्मो के पूजास्थलो को बंद रखने का फैसला किया गया है। लोगबाग आज यानी शनिवार से ही जनता कर्फ्यू का अभ्यास करने में जुट गये है जिसके चलते लखनऊ,कानपुर,आगरा और वाराणसी समेत राज्य के अधिसंख्य जिलों में आमतौर पर सन्नाटा पसरा देखा जा रहा है। लोगबाग जरूरी काम से ही घरो से बाहर निकल रहे हैं।


बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ न के बराबर है। यूपी रोडवेज ने एक बयान जारी कर रविवार को सुबह छह बजे से रात दस बजे तक बसों का संचालन निरस्त करने की घोषणा की है वहीं पेट्रोल ट्रेडर्स एसोसियेशन ने भी राज्य भर के पेट्रोल पंप को कल बंद रखने का फैसला किया है। ये पेट्रोल पंपों पर हालांकि एंबुलेंस,पुलिस वाहन और फायर ब्रिगेड की गाडियों के लिये उपलब्ध रहेंगे।


प्रदेश में सभी निचली अदालते 28 मार्च तक बंद रहेंगी। निचली अदालतों में जिला एवं सत्र न्यायालय,सभी ट्रिब्यूनल और सभी प्रकार की कोर्ट शामिल है। जमानत याचिका पर सुनवाई केवल बंदियों की होगी। इसके अलावा जिला न्यायाधीश जिन मामलो को जरूरी समझेंगे, उन्ही पर सुनवाई की जायेगी। प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थान पहले से ही दो अप्रैल तक बंद कर दिये गये थे।