अब मशीन करेगी बैंको तथा आफिसों में जमा होने वाली भीड़ को नियंत्रित

खनऊ,  उत्तर प्रदेश में एक आईआईटियन युवक ने बैंको तथा आफिसों में जमा होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिये एक मशीन को बनाने को दावा किया है।


आईआईटियन युवक द्वारा बनायी गयी यह क्राउड कंट्रोल मशीन बैंक या दफ्तर में निधार्रित संख्या से अधिक की इंट्री पर बीप देकर गेट बंद कर देगी और जब तक कोई बाहर नहीं आयेगा तब तक अन्य किसी को इंट्री नहीं मिलेगी, जिससे बैंक व दफ्तरों में शारीरिक दूरी के पालन के साथ भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। यह मशीन 18 हजार रूपये में बनकर तैयार हो रही है। वहीं बैंकों को भी क्राउड कंट्रोल मशीन मन में भा गयी है।


कोरोना महामारी के चलते घर आया आईआईटियन युवक बैंक गया तो वहां सोशाल डिस्टेंसिंग को तार तार करती भारी भीड़ और जिसे नियंत्रित करने को पुलिस की कड़ी मशक्कत देखी तो उसके दिमाग में इसके इसके समाधान का एक उपाय सूझा और उसने क्राउड कंट्रोल मशीन का ही निर्माण कर दिया। जो बैंकों व दफ्तरों में जमा होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी तरह से सहायक होगी।


औरैया के कस्बा बाबरपुर के मोहल्ला अशोकनगर निवासी अनिवेश चतुर्वेदी गुरुग्राम में एक कार कंपनी में प्रोडक्शन इंजीनियर के पद पर काम करते थे। कोरोना वायरस और लाॅकडाउन के दौरान वह नौकरी छोड़कर घर आ गये। यहीं पर रह रहे हैं। पिछले दिनों बैंक खुलने लेकिन जब वह किसी काम से वहां गये तो देखा कि वहां पर भारी भीड़ थी और पुलिस को उसे नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।


फिर भी लोग जबरन बैंक के अंदर घुस रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह नजारा देख अनिवेश के मन में कुछ नया करने का ख्याल आया और उन्होंने ऑटोमेटिक क्राउड कंट्रोल मशीन तैयार की, यह मशीन लॉकडाउन या कोरोना वायरस होने पर भी बैंकों के लिए उपयोगी है, जिसमें संख्या तय कर प्रवेश की प्रक्रिया कराई जा सकती है।


इंजीनियर अनिवेश ने बताया कि क्राउड कंट्रोल मशीन का डेमो बनाकर पहले स्थानीय बैंक में दिखाया जिसके बाद उस डेमो को बैंकों के हेड आफिस भेजा है। कुछ बैंकों ने मशीन की बुकिंग भी करा ली है। उन्होंने बताया कि इस मशीन का लागत मूल्य 18 हजार रूपया है।
उन्होंने बताया कि उक्त मशीन बैंक के अलावा कई कार्यालयों व अस्पताल आदि के लिए उपयोगी है जहां पर कितने लोगों की इंट्री होगी उसकी संख्या मशीन में फीड करनी होगी, अंदर जाने वालों की संख्या बाहर डिस्प्ले में दिखाई पड़ेगी जैसे ही निर्धारित संख्या पूरी होगी वैसे ही रेड लाइट जलने के साथ सायरन बज जाएगा और गेट सेंसर तकनीकी से बंद हो जाएगा, उसके बाद कोई तब तक अंदर प्रवेश नहीं कर पायेगा जब तक कोई बाहर न आये।