राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन आमंत्रित, ईमेल से तीन जून तक भेजें नाम




नयी दिल्ली, केंद्रीय खेल मंत्रालय ने इस साल के राष्ट्रीय खेल अवॉर्ड के लिए ई-मेल के जरिए नामांकन आमंत्रित किये हैं। इन पुरस्कारों में देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे साहसिक पुरस्कार दिए जाते हैं।



राष्ट्रीय खेल अवॉर्ड के नामांकन की शुरुआत अप्रैल में होनी थी लेकिन कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इसे मई तक बढ़ा दिया गया। देश भर में लगे लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त होना है। नामांकन भेजने की अंतिम तारीख तीन जून है।



मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को पत्र भेजकर कहा, “कोरोना वायरस के कारण देश भर में लागू हुए लॉकडाउन को देखते हुए नामांकन के लिए हार्ड कॉपी भेजने की जरुरत नहीं है। आवेदक नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर कर उसकी स्कैन कॉपी अंतिम तिथि से पहले भेज दें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी नामांकन को स्वीकार नहीं किया जाएगा और मंत्रालय विलंब के लिए जिम्मेवार नहीं होगा।”



उल्लेखनीय है कि विभिन्न खेलों के लिए एथलीटों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाते हैं। राष्ट्रीय खेल में देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड भी शामिल है। कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है जबकि लाइफटाइम योगदान के लिए ध्यानचंद अवॉर्ड दिया जाता है।



इस वर्ष खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के लिए जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 तक के प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा। डोप में शामिल खिलाड़ियों को इन पुरस्कारों के लिए नामित नहीं किया जाएगा।



मंत्रालय ने कहा, “जिन एथलीटों पर विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल के कारण प्रतिबंध लगा है या उनके खिलाफ जांच की जा रही है उन्हें अवॉर्ड के लिए शामिल नहीं किया जाएगा।” खेल रत्न की ईनामी राशि साढ़े सात लाख रुपये जबकि अर्जुन पुरस्कार की राशि पांच लाख रुपये होती है।