निकायों द्वारा कोविड-19 के अंतर्गत नगर विकास विभाग, यूपी द्वारा किये जा रहे काम


लखनऊ, देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश भी कोविड-19 महामारी से अछूता नहीं रहा है। इससे निपटने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री दिन रात एक कर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी है।



इस महामारी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ निरंतर विचार विमर्श कर रहे हैं, योजनाए बना रहे हैं। इस निमित्त सामाजिक दूरी बनाकर उत्तर प्रदेश के अवाम को संदेश भी दे रहे हैं. इस महामारी के संक्रमण को फैलने से के लिए नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन “गोपाल जी” द्वारा भी लगातार कार्यों एवं प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कोरोना से जंग के मोर्चे पर डटा हुआ है। बता दें कि प्रदेश में 24 मार्च, 2020 को जारी शासनादेश संख्या 198/एक-11-2020-रा-11 के तहत पटरी दुकानदार, रिक्शा चालक, दैनिक पल्लेदार व अन्य श्रमिकों के खाते में कोरोना वायरस महामारी के संकट ने निपटने के लिए एक हजार रुपये भेजे जाने का निर्देश दिया गया था।



वैश्विक महामारी कोविड-19 (कोरोना) के संक्रमण को रोकने के लिये एवं इससे होने वाले दुष्प्रभावों को न्यूनतम करने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार निरन्तर अथक प्रयास कर रही है। माननीय मुख्यमंत्रीजी, उ0प्र0 के नेतृत्व में प्रदेश का नगर विकास विभाग भी अपने सम्पूर्ण संसाधनों के साथ शहरी क्षेत्रों में इसके लिये निरन्तर प्रयास कर रहा है।



इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा पटरी दुकानदारों, रिक्शा चालक, दैनिक पल्लेदार व अन्य श्रमिकों को आर्थिक सहायता के रूप में उनके बैंक खाते में एक-एक  हजार रूपये भेजे जाने के निर्देश दिये गये थे, जिसके तहत प्रदेश की 652 नागर निकायों द्वारा उपलब्ध करायी गयी सत्यापित सूची के आधार पर संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के माध्यम से 811417 लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है।



कोरोना संकट के इस काल में प्रदेश के सभी शहरी क्षे़त्रों में पेयजलापूर्ति, कूड़ा निस्तारण एवं फागिंग सुचारू रूप से कराई जा रही है। नगरीय क्षेत्रों की साफ-सफाई एवं सार्वजनिक स्थलों को नियमित रूप से सेनीटाइज किया जा रहा है।



प्रदेश की नागर निकायों द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर अभी तक 32492776 पैकेट मुफ्त भोजन का वितरण जरूरतमंदों को किया गया है। प्रदेश के नागर निकायों द्वारा लॉकडाउन के दौरान घरेलू उपयोग के सामानों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कुल 101118 वेन्डरों को आपूर्ति चेन से जोड़ा जा चुका है। पूरे प्रदेश के नगर निकायों के द्वारा कोरोना काल में किये जा रहे कार्यों का अनुश्रवण प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया जा रहा है।



कोरोना वायरस के चलते मंदी की संभावनाओं के बीच इस योजना के तहत मजदूरों के बैंक खाते में सीधा पैसा ट्रांसफर (आरटीजीएस) किया गया। योगी सरकार की इस पहल से श्रमिकों को लॉकडाउन में जीवनयापन करने के लिए बड़ी सहूलियत मिली है।