नेपाली मजदूर पहुंचे सीमा पर, नेपाल सरकार ने लेने से किया इंकार


बहराइच, उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित भारत-नेपाल की रुपईडीहा सीमा पर सोमवार को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले सैकडों मजदूर किसी तरह से अपने देश जाने के लिए सीमा तक तो पहुंच गए हैं लेकिन इन्हें नेपाल राष्ट्र द्वारा वापस लेने से इंकार करने पर मायूस हो गये।



नेपाल राष्ट्र ने इन्हें अपने घरों में जाने पर रोक लगा दी। इसके बाद नेपाली मज़दूरों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने रुपईडीहा थाने के सामने नेपाल सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर शुरू कर दिया।



नेपाली मज़दूरों ने कहा कि हम लोग कई दिनों से भूखे है। हम अपने वतन नेपाल जाने के लिए गुजरात से यहां पहुंचे हैं। नेपाल सरकार हमें घर जाने नही दे रही है। भारत सरकार अपने देश के मज़दूरों को घर तक पहुंचा रही है।



नेपाली मज़दूरों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हम सभी लोग भारत के विभिन्न क्षेत्रों में होटलों पर काम करते थे। अब कोरोना की वजह से लाॅकडाउन हो गया है, ऐसे में होटल बंद हो गए हैं। इसकी वजह से होटल मालिक ने उन्हें निकाल दिया है। अब हमारे पास पैसे भी नही है। अब हम कहाँ जाएं। हमें अपने ही देश में प्रवेश नही मिल रहा है ।



रुपईडीहा थाने के सामने नारेबाजी कर रहे सभी नेपालीयों को रुपईडीहा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने किसी तरह शांत कराया और खाना खिलाया। फिर, काफी देर तक सभी नेपाली मजदूरों को समझा बुझा कर मटेरा स्थित क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है।
गौरतलब है कि इधर प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में नेपाल जाने के लिए आने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। लेकिन भारत-नेपाल सीमा सील होने के कारण नेपाली लोग नेपाल नही जा पा रहे है। भारतीय अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों से बात भी की है। नेपाल के अधिकारियों ने इन्हें अभी नेपाल में आने से मना कर दिया है। जिसके कारण इन्हें यहीं भारतीय क्षेत्र में क्वारंटाइन कराया गया।