नहीं रहे अंतर्राष्ट्रीय समाजशास्त्री योगेंद्र सिंह, दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन




नयी दिल्ली , अंतरराष्ट्रीय ख्याति के समाजशास्त्री योगेंद्र सिंह का यहाँ दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। श्री सिंह के परिवार में उनकी बेटी है।



उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में 21 नवम्बर 1933 को जन्मे योगेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों में गिने जाते थे। उनका निधन सुबह सवा दस बजे हुआ और अंतिम संस्कार तीन बजे राजधानी के लोदी रोड शवदाह गृह में किया गया।
वह 1971 से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में समाजशास्त्र के प्रोफेसर थे और समाज विज्ञान स्कूल के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। वह भारतीय समाजशास्त्र सोसाइटी के अध्यक्ष भी थे। श्री सिंह को सोसाइटी की ओर से लाइफटाइम अवार्ड भी मिला था। उन्होंने 25 से अधिक पुस्तकें लिखी थी। सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने सात पुस्तकें लिखीं एवं सम्पादन किया। वह तत्कालीन योजना आयोग के शोध एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ के भी सदस्य रहे थे। विश्व प्रसिद्ध समाजशास्त्री टॉम बटमोर की रचनाओं का भी उन्होंने सम्पादन किया था।
प्रख्यात समाज शास्त्री आनंद कुमार और डॉ विवेक कुमार ने श्री सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि डॉ सिंह ने भारत की आधुनिकता शहरीकरण जाति के सवाल पर महत्पूर्ण कार्य किया है। उनकी कई किताबें पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं।