झांसी मंडल से चली 34 ट्रेनों ने लगभग 40 हजार श्रमिकों को पहुंचाया घर




झांसी, उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल की ओर से प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 11 मई से शुरू की गयी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से शनिवार तक लगभग 40 हजार श्रमिकों को घर पहुंचाया जा चुका है।



झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे, सिविल प्रशासन के सहयोग से लगातार श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के काम में लगा है। इसी क्रम में झांसी मंडल द्वारा 11 मई से स्पेशल श्रमिक ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था और तब से लेकर आज तक लगभग 40 हजार कामगारों को उनके घर पहुंचाया जा चुका है।



गोरखपुर जाने वाली गाड़ियों को गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर तथा वाराणसी जाने वाली स्पेशल रेलगाड़ी कानपुर, फतेहपुर तथा प्रयागराज स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। बरौनी जाने वाली गाड़ी दानापुर स्टेशन पर भी ठहरेगी और इन जगहों पर पूर्व निर्धारित यात्रियों को उतरने की अनुमति होगी। गाड़ियों को अपने गंतव्य की ओर विभिन्न मार्गों से भेजा जा रहा है। वाराणसी की ओर जाने वाली गाड़ियों को कानपुर, प्रयागराज मार्ग के अलावा बांदा-मानिकपुर रास्ते भी चलाया जा रहा है।



पश्चिम तथा दक्षिण दिशाओं से आने वाली गाड़ियों की अधिकता के कारण रूट अति व्यस्त होने के समय भी झांसी मंडल का क्रू अपने कर्तव्य को बेहतर रूप से पूरा कर रहा है जिससे प्रवासी कामगारों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। झांसी मंडल से शुक्रवार को 79 ट्रेनें गुजरीं जिनमें 48 गाडियां झांसी-कानपुर खंड से गुजरी हैं। झांसी स्टेशन पर श्रमिकों के खानपान, स्नैक्स तथा पानी की उचित व्यवस्था की जा रही है। रेलवे के साथ-साथ आईआरसीटीसी भी खानपान देने हेतु अपना योगदान दे रहा है।



यात्रियों को खान-पान देने हेतु स्टाफ के साथ –साथ स्काउटस एवं गाइडस को भी लगाया गया है,जिससे श्रमिक यात्रियों को खाद्य सामग्री का वितरण ठीक प्रकार से सुनिश्चित किया जा सके। श्रमिकों को स्टेशन पर मास्क की सुनिश्चितता के साथ सामाजिक दूरी का पालन भी किया जा रहा है जिससे कोविड-19 के संक्रमण की आशंका को कम किया जा सके।



इसके अलावा आज ही 5000 से अधिक यात्री श्रमिक, स्पेशल गाड़ियों से मंडल के विभिन्न स्टेशनों जैसे झांसी, ग्वालियर, बांदा, छतरपुर, टीकमगढ़,उरई आदि पर पहुंचे। ये श्रमिक गाड़ियां लोक मान्य तिलक टर्मिनस मुंबई, बेंगलरू, श्री वैष्णों धाम कटरा, भरूच, लुधियाना, दादरी, रायनपाड, राजमुन्दरी आदि शहरों से आ रही हैं।