जेलों से 60 से अधिक कैदी हुए रिहा

जम्मू, देशव्यापी कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के मद्देनजर जम्मू कश्मीर की जेलों में भीड़ कम करने के लिए 60 से अधिक कैदियों को रिहा कर दिया गया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यहां बताया कि कोराेना महामारी के फैलने के मद्देनजर केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की जेलों से भीड़ को कम करने के लिए 65 कैदियों को रिहा किया गया है।


उन्होंने कहा कि रिहा किये गये कैदियों में 22 वे कैदी है जिन्हें जन सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों ने बताया “कैदियों की रिहाई से संबंधित जानकारी जेल के महानिदेशक ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की खंडपीड को सौंपी एक लिखित रिपोर्ट में दी है। मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूति रजनीश ओसवाल की खंडपीठ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोराना के प्रसार से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।


आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार रिहा किये गये कैदियों में से 22 कैदी ऐसे है जिन्हें जन सुरक्षा अधिनियम तहत गिरफ्तार किया गया था जबकि 32 विचाराधीन कैदी तथा नाै विचाराधीन कैदियों पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107,109,151 के तहत मुकदमा जारी है। इसके अलावा 19 अन्य कैदियों को पैरोल पर रिहाई की मंजूरी दी गई है।


सूत्रों ने बताया कि अदालत ने यह भी बताया कि दो कैदियों को पहले ही पेरोल पर रिहा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश में कैदियों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए और कोरोना के संक्रमण से उन्हें बचाने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 30 मार्च को कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रदेश में जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों की रिहाई के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।