गुजरात में कोरोना वायरस के 25 नये मामले, एक मौत

गांधीनगर,  गुजरात में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के 25 नये मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 493 हो गयी तथा एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद मरने वालों का आंकड़ा 23 हो गया है।


स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव जयंती रवि ने रविवार को बताया कि पिछले 12 घंटे में अहमदाबाद में 23, आणंद में दो नये मामले आये हैं जिनमें 11 महिलाएं और 14 पुरुष हैं। राज्य में संक्रमण के 25 नये मामले सामने आने से संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 493 हो गयी है।


श्रीमती रवि ने बताया कि 75 साल के एक पुरुष की अहमदाबाद में आज मौत होने से राज्य में इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गयी है। वह रक्तचाप की बीमारी से भी पीड़ित था। अस्पताल में भर्ती लोगों में से अब तक कुल 44 लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गयी। वेन्टीलेटर पर चार मरीज हैं और 422 लोगों की हालत स्थिर है।


अहमदाबाद में अब तक सर्वाधिक 266, वडोदरा में 95, सूरत में 28, भावनगर में 23, राजकोट में 18, गांधीनगर में 15, पाटण में 14, भरूच में आठ, आणंद में सात, कच्छ में चार, पोरबंदर और छोटाउदेपुर में तीन-तीन, महेसाणा और गिर-सोमनाथ में दो-दो तथा दाहोद, साबरकांठा, जामनगर, मोरबी और पंचमहाल में एक-एक मामला है जिनमें 33 लोगों ने विदेश यात्रा की थी, 32 लोगों ने देश में यात्रा की है तथा 428 अन्य स्थानीय हैं। कोरोना वायरस से 33 में से अब तक 19 जिले प्रभावित हैं।


राज्य में 15 हजार 561 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। उसमें से 1406 लोग सरकारी अस्पतालों में क्वारंटीन में और 14 हजार 13 लोगों को घरों में और 142 लोगों को निजी क्वारंटीन में रखा गया है। अब तक कुल 10994 लोगों के टेस्ट किए गये जिनमें 10397 की रिपोर्ट निगेटिव और 493 की पॉजिटिव हैं तथा 116 की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। पिछले 24 घंटे में 2663 लोगों की जांच की गयी। उनमें 2486 रिपोर्ट निगेटिव, 61 लोगों के पॉजिटिव और 116 की रिपोर्ट अभी आनी शेष है।


राज्य के शहरों में बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए अहमदाबाद शहर में क्लस्टर 14 इलाकों, राजकोट, भावनगर, सूरत और वडोदरा में दो-दो यानी कुल 22 इलाकों में संपूर्ण लॉकडाउन किया गया है, जहां 138 टीमों द्वारा 98 हजार 401 लोगों का सघन सर्वे किया जा रहा है। राज्य में क्लस्टर क्वारंटीन शुरू किया गया है। इस रोग के चिह्नित लोगों को ढूंढ-ढूंढकर उनका उपचार किया जा रहा है।