ग्रामीण महिलाओं ने कोरोना वायरस की लड़ाई मे दिया महान योगदान

नयी दिल्ली , देश की ग्रामीण महिलाओं ने कोरोना वायरस की लड़ाई मे दिया महान योगदान दिया है।


देश के 27 ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने कोरोना वायरस (कोविड-19) से लड़ने के लिए करीब दो करोड़


मास्क बनाये है और स्वयं सहायता ग्रुप की महिलाओं ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट बनाने का काम शुरू


किया है।


मध्य प्रदेश कर्नाटक हिमाचल और पंजाब की महिलाओं ने डॉक्टरों नर्सों आदि की सुरक्षा के लिए अब तक पांच हज़ार पीपीई किट बनाये है।


ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा  जारी विज्ञप्ति के अनुसार नौ राज्य की स्वयं सहायता ग्रुप की महिलाओं ने एक लाख 15 हज़ार


लीटर सैनिटाइजर भी बनाये हैं।


विज्ञप्ति के अनुसार स्वयं सहायता ग्रुप की 78000 संदस्यों ने 22 मार्च से आठ अप्रैल तक एक करोड़ 96 लाख मास्क बनाये हैं।


जिनमें सर्वाधिक दस लाख मास्क उड़ीसा की महिलाओं ने बनाये हैं। इसकी कीमत सिर्फ दस रुपए है।


कर्नाटक की महिलाओं ने तो 12 दिन में डेढ़ लाख मास्क बनाये।


ग्रामीण महिलाओं ने अप्रैन गाउन और चेहरा ढंकने वाले पीपीई किट बनाये है।