चिकित्सा की आपातकालीन सेवाओं को शुरू करने को लेकर सीएम योगी ने दिये निर्देश

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा की आपातकालीन सेवाओं को प्रारम्भ करने पर जो र दिया।


मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास पर आहूत एक बैठक में कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए लागू लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि आकस्मिकता की स्थिति में प्रदेशवासियों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा की आपातकालीन सेवाओं को प्रारम्भ किया जाना आवश्यक है। इसके मद्देनजर सभी राजकीय अस्पतालाें एवं आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं यथाशीघ्र शुरू की जाएं।


उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं से कोविड-19 के संक्रमण का प्रसार न/न हो, इसके लिए पूरी सुरक्षा और सतर्कता बरती जाए। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी अस्पतालों को पीपीई किट, एन-95 मास्क आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि यह देखा गया है कि आकस्मिकता की स्थिति में अस्पतालों में आने वाले किडनी, लिवर, हार्ट आदि की गम्भीर बीमारियों के कतिपय रोगियों में बाद में कोविड-19 के संक्रमण का पता चलता है, इससे पूरी मेडिकल टीम के संक्रमित होने की आशंका बन जाती है।


योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाॅकडाउन को तीन मई तक बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि देश की 130 करोड़ जनता के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए उठाया गया यह अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम है।


श्री योगी ने उत्तर प्रदेश में लाॅकडाउन को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं प्रशासन, हजारों स्वयंसेवी संगठन तथा संस्थाएं 23 करोड़ जनता की सेवा में दिन-रात लगकर कोरोना वायरस कोविड-19 को परास्त करेंगे।